Festival
Famous festivals of Uttarakhand –
- Basant Panchami
- Bhitauli
- Harela
- Phool Dei
- Ghughutiya Festival
- Makar Sankranti
- Batsavitri
- Ganga Dusshera or Dasar,
- Igas Bagwal
- Dikar Puja,
- Olgia or Ghee Sankranti, Ghee Tyar
- Birud Panchami
- Satu Aathu
- Khatarua,
- Ekadashi,
- Chhipla Jaat,
- Kandali,
- Janopunya,
- Kumaon Holi (Khari Holi and Baithaki Holi)
हरेला गीत-उत्तराखंड देवभूमि तेरी जै-जैकार।
हरेला पर्व उत्तराखंड की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय चेतना का जीवंत प्रतीक है।....
हरेला त्योहार 2025, जानिए तिथि, इसके महत्व और मान्यताएं।
पर्यावरणीय असंतुलन आज विश्वभर में चिंता का विषय बन चुका है, लेकिन....
रम्माण : 500 वर्ष पुरानी विश्व की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर।
भारत विविध संस्कृतियों, परंपराओं और त्योहारों का देश है। हर क्षेत्र की....
Bhitauli Festival: मायके की यादों की सौगात है यह विशिष्ट परंपरा।
उत्तराखंड के कुमाऊँ अंचल में चैत्र महीने में विवाहित बेटियों को उपहार देने की विशिष्ट परंपरा है। जिसमें मायके की खुशबू, प्यार, ममता, स्नेह होता है। यहाँ विस्तृत में पढ़ें उत्तराखंड की इस विशिष्ट परंपरा है बारे में -
फूलदेई त्योहार 2026 : जानिए क्या ख़ास होता है इस दिन।
जानिये उत्तराखण्ड के एक खूबसूरत पर्व फूलदेई के बारे में, जहाँ नये साल की शुरुवात छोटे बच्चों द्वारा घरों में फूल अर्पित करने से होती है। बच्चे गांव के हर घर की दहलीज पर जाते हैं और गीत गाते हुए घर की कुशलता की कामना करते हैं।
चुन्या त्योहार-अपने में ख़ास है गढ़वाल का यह लोकपर्व।
गढ़वाल में मकर संक्रांति के अवसर पर एक विशेष त्योहार मनाया जाता है, जिसे स्थानीय लोग 'चुन्यां त्यार' कहते है। यह पर्व जोशीमठ वर्तमान में ज्योतिर्मठ के पैनखंडा क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों में बड़े धूमधाम और परंपरागत तरीकों के साथ मनाया जाता है।
घुघुतिया 2026 : काले कौवा वाला त्योहार | Ghughutiya Festival Uttarakhand
Ghughutiya Festival 2026 : इस साल घुघुतिया त्योहार 14 जनवरी 2026 को मनाया जायेगा। परम्परानुसार इस दिन उत्तराखंड के कुमाऊँ में आटे और गुड़ के घोल से एक ख़ास प्रकार के पकवान बनाया जायेगा जिन्हें 'घुघुते' कहते हैं। साथ ही इन घुघुतों को कौओं को खिलाये जायेंगे। बच्चे इनकी माला
Basant Panchami in Uttarakhand-पढ़ें क्या ख़ास होता है इस दिन यहाँ।
बसंत पंचमी का त्यौहार उत्तराखण्ड में बेहद अनोखे अंदाज में मनाया जाता है। जहाँ घरों के द्वार पर हरियाली लगाई जाती है। वहीं बच्चों की विद्यारम्भ कराई जाती है। कर्ण वेधन , जनेऊ आदि संस्कार सम्पन्न कराने की परम्परा है। एक पोस्ट में और अधिक विस्तृत में पढ़ें -














