Admin
उत्तराखंड निवासी विनोद सिंह गढ़िया इस पोर्टल के संस्थापक और लेखक हैं। वे इस पोर्टल के माध्यम से आपको उत्तराखंड की संस्कृति, पर्यटन, साहित्य, कला, संगीत, ज्वलंत मुद्दों से रूबरू करने का एक छोटा सा प्रयास कर रहे हैं।
छोलिया-उत्तराखण्ड का पारम्परिक लोकनृत्य।
Choliya Dance Uttarakhand : विभिन्न अंचलों के अपने-अपने लोकनृत्य होते हैं। कुमाऊँ....
Uttarakhand Public Holidays 2023
उत्तराखण्ड सरकार द्वारा वर्ष 2023 के लिए सार्वजनिक अवकाशों की सूची जारी....
घुघुति त्यौहार की लोकगाथा | Ghughutiya Festival Story
घुघुतिया पर्व मनाने की परंपरा चंद राजाओं के शासन काल में शुरू हुई। एक लोकगाथा के मुताबिक राजा कल्याण चंद के पुत्र निर्भय को मां बचपन में घुघुति कहकर पुकारती थी। राजा के मंत्री ने राज्य हड़पने की नीयत से घुघुति का अपहरण कर लिया।
देवीधुरा बग्वाल मेला 2025: इतिहास, पौराणिक कथा और परम्परा।
Devidhura Bagwal Mela : कहा जाता है कि जब पृथ्वी पर मानव....
बागेश्वर का उत्तरायणी मेला-ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक महत्व
बागेश्वर में उत्तरैणी मेले की शुरुवात चंदवंशीय राजाओं के शासनकाल से गयी थी। प्राप्त प्रमाणों के आधार पर माना जाता है कि चंद वंशीय राजाओं के शासन काल में ही माघ मेले की नींव पड़ी। तब पूरे बागेश्वर की भूमि पर उन्हीं का स्वामित्व था। भूमि से उत्पन्न उपज का बड़ा
सुमित्रानंदन पंत की कविता – कुमाऊंनी में।
हिंदी में छायावाद युग के चार प्रमुख स्तम्भों में से एक सुमित्रानंदन....
Thought of the day in Hindi-सफलता के लिए प्रेरक उद्धरण।
Thought of the day in Hindi: ठीक ही कहा है ‘सादा जीवन....
Jageshwar Temple | जागेश्वर मंदिर की पौराणिक कथा।
उत्तराखंड में वास्तुकला के बेहतरीन नमूनों में से एक, जागेश्वर धाम भगवान....
अशोक चक्र की 24 तीलियों का सन्देश।
भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के बीच में नीले रंग का चक्र....














