Latest News

Jai Bola Jai Bhagwati Nanda lyrics | जै जै बोला जै भगवती नंदा भजन के बोल।

14 September 2023

जै जै बोला जै भगवती नंदा, नंदा ऊँचा कैलाश की जै -भजन....

हिमालय की गरज क्या सिर्फ हिमालयवासियों की है या पूरे देश और दुनिया को?

9 September 2023

हिमालय की गरज क्या सिर्फ हिमालयवासियों की है या पूरे देश और....

G20 सम्मलेन में देखिये उत्तराखंड का खूबसूरत स्टॉल।

8 September 2023

G20 Summit 2023 Delhi- दिनांक 9 एवं 10 सितम्बर को दिल्ली के....

“खतड़ुवा” 2026 : ऋतु परिवर्तन और पशुधन सेवा का त्यौहार।

6 September 2023

उत्तराखंड में शुरुआत से ही कृषि और पशुपालन आजीविका का मुख्य श्रोत....

भारतीय डाक सेवा : – प्रेम-विनिमय का आज भी एक प्रतीक !

1 September 2023

अभी अलविदा मत कहो दोस्तो ! क्योंकि‘बीते हुए लम्हों की कसक साथ....

गंगा नदी की पौराणिक कथा | Mythological Story of River Ganga

30 August 2023

स्वर्ग में बहने वाली गंगा का अवतरण धरती पर हिंदी माह ज्येष्ठ....

छोलिया-उत्तराखण्ड का पारम्परिक लोकनृत्य।

27 August 2023

Choliya Dance Uttarakhand : विभिन्न अंचलों के अपने-अपने लोकनृत्य होते हैं। कुमाऊँ....

Uttarakhand Public Holidays 2023

27 August 2023

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा वर्ष 2023 के लिए सार्वजनिक अवकाशों की सूची जारी....

घुघुति त्यौहार की लोकगाथा | Ghughutiya Festival Story

27 August 2023

घुघुतिया पर्व मनाने की परंपरा चंद राजाओं के शासन काल में शुरू हुई। एक लोकगाथा के मुताबिक राजा कल्याण चंद के पुत्र निर्भय को मां बचपन में घुघुति कहकर पुकारती थी। राजा के मंत्री ने राज्य हड़पने की नीयत से घुघुति का अपहरण कर लिया।

बागेश्वर का उत्तरायणी मेला-ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक महत्व

25 August 2023

बागेश्वर में उत्तरैणी मेले की शुरुवात चंदवंशीय राजाओं के शासनकाल से गयी थी। प्राप्त प्रमाणों के आधार पर माना जाता है कि चंद वंशीय राजाओं के शासन काल में ही माघ मेले की नींव पड़ी। तब पूरे बागेश्वर की भूमि पर उन्हीं का स्वामित्व था। भूमि से उत्पन्न उपज का बड़ा

Previous Next