उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर में गढ़वाली लोकगीतों का विशिष्ट स्थान है। ये गीत केवल सुर और शब्दों का मेल नहीं, बल्कि गढ़वाल की मिट्टी की सौंधी-सौंधी खुशबू, वहाँ के जीवन की सरलता, रहन – सहन और लोगों की भावनाओं का सजीव प्रतिबिंब हैं। वर्षों से गाए जाते आ रहे ये लोकगीत परंपराओं, रिश्तों, प्रकृति और जीवन के विविध अनुभवों को संजोए हुए हैं, जो हर पीढ़ी के दिल को छू लेते हैं।
इन्हीं अमूल्य धरोहरों को सहेजने के उद्देश्य से “पुराने गढ़वाली गीतों के लिरिक्स” शीर्षक के अंतर्गत हमने कुछ चुनिंदा और लोकप्रिय गीतों के बोल एकत्रित किए हैं। भले ही ये गीत समय के साथ पुराने हो गए हों, लेकिन उनकी मिठास और आत्मीयता आज भी उतनी ही नयी है। यही कारण है कि नई पीढ़ी भी इन गीतों को उतने ही उत्साह और प्रेम से सुनती और गुनगुनाती है।
हमारा प्रयास है कि गढ़वाली लोकगीत की यह विरासत सुरक्षित रहे और आने वाले समय में भी आसानी से लोगों तक पहुँच सके। इस संग्रह में आपको नरेंद्र सिंह नेगी सहित कई प्रसिद्ध गढ़वाली लोकगायकों के गीतों के लिरिक्स मिलेंगे, जिन्हें आप अपनी पसंद के अनुसार देखकर पढ़ और महसूस कर सकते हैं। यह केवल गीतों का संग्रह नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखने की एक छोटी-सी पहल है।
बिंदी ना बैठ चरखी मा
ना बैठ, ना बैठ, बिंदी ना बैठ चरखी मा -2
बोल्युन्न मा मेरो , बिंदी ना बैठ चरखी मा
ना बैठ, ना बैठ, बिंदी ना बैठ चरखी मा -2
बनजा को अछानो बिंदी, बनजा को अछानो -2
चरखी वालों मेरो भाई जी
तेरु लगदा जिठानू , बिंदी ना बैठ चरखी मा -2
ना बैठ, ना बैठ, बिंदी ना बैठ चरखी मा -2
दही की परोठी बिंदी, दही की परोठी -2
चरखी टूटी जाली बिंदी, तू छे भारी मोटी
बिंदी ना बैठ चरखी ना
ना बैठ, ना बैठ, बिंदी ना बैठ चरखी मा
बोल्युन्न मां मेरो, बिंदी ना बैठ चरखी मा
दयेबतों कु भोग बिंदी, दयेबतों कु भोग -2
उजिया सरेला तेरो ,
क्या बोलला लोग, बिंदी ना बैठ चरखी ना-2
क्या बोलला लोग , बिंदी ना बैठ चरखी ना-2
रोटी को फाफु दो बिंदी, रोटी को फाफु दो -2
बिदेशी मुलुक चोरी,
कवी नि च अपुनो , बिंदी ना बैठ चरखी मा -2
बोल्युं मान मेरो, बिंदी ना बैठ चरखी मा
ना बैठ चरखी मा…
हे ना बैठ चरखी मा..
कै बाटा ऐली , कै बाटा जैली
कै बाटा ऐली , कै बाटा जैली
उजाला सी मुख चम् कै दिशा खातेली
रोलूं बाटी औलू , धारा धरी जौलूं .
डाली बोटी हैनी राई , सन संकोलूं …..
कै ऋतू मा ऐली, कै रितु मा जैली,
बस्ग्यल ऐली रुझाणु , की हिन्दियु कोपेली ,
लगदा फागुन औलू , बिखोदी बाद जौलूं ,
नाचुलू गोलूं थोलू मा , कौथिग भी रोलूं
कै ऋतू मा ऐली, कै ऋतू मा जैली,
लगदा फागुन औलू , बिखोदी बाद जौलूं
कै लेकी एली , क्या देखी जैली ,
कैकु भारिली भंडार , कैकु ऋतू कैली ,
मोल्यार लायुलू , हरियाली बांटी जोलु ,
घर खोलो मा,गों गल्लों मा, फूल पाटी सजोलूं ,
कै लेकी ऐली , क्या देकी जैली,
मोल्यार लायुलू, हरियाली बांटी जोलु,
कै भागी हसली , क्या लठयाला रेली ,
कैकी माया चाट चिमिली , कैकी फुन्द सर्कैली ,
बालों हसेलूं , दानो तर्सोलूं ,
जावनु की जिकुड़ी बाली , माया बूटी जोलु,
कै भागी हसली , क्या लठयाला रेली ,
बालों हसेलूं, डानो तर्सोलूं,
कै बाटा ऐली, कै बाटा जैली,
रोलूं बाटी औलू, धारा धारी जौलूं
ऐजा-ऐजा ऐजा हे
ऐजा -ऐजा ऐजा हे ,न जा नजा नजा हे !
तेरु गोंउ गौला अब छुटी जाण
तिन भी मेरी माया अब भूली जाण -2
भूली जाण …भूली जाण …भूली जाणsss
माया की ज्योति जगीं बुझी जाण
सुपन्यो की माला अब टूटी जाण -2
टूटी जाण .. टूटी जाण …टूटी जाणssss
तेरु गैल -छैल मैथे प्यारु लगदु छो
तेरु घोर -वोण मैथे न्यारु लगदु छो -2
वो हेसणु -हंसाणु वो नाचणु -नचाणु
सज -धजी की आणु तेरु प्यारु लगदु छो
ऐजा -ऐजा ऐजा हे ,न जा नजा नजा हे !
आँखी यू न बचियाणु तेरु कनु कै भूली जों
छवी बथा लगाणु तेरु कन कै बिसरी जो
वो रूठणु- रुसाणु वो सुपनियु मा आणु
गुस्सा मा मनाणु तेरु कनु कै भूली जो
ऐजा -ऐजा ऐजा हे ,न जा नजा नजा हे !
तेरा खातिर कनी- कनी गाणी करी छै
अब क्या बतोऊ क्या -क्या स्याणी करी छै
तेरा खातिर कनी- कनी गाणी करी छै
अब क्या बतोऊ क्या -क्या स्याणी करी छै
वो लुकुणु -लुकाणु वो खेलणु- खेलाणु
सैरी दुनिया ल सब पाणी फेरी हे !
ऐजा -ऐजा ऐजा हे ,न जा नजा नजा हे !
ऐजा -ऐजा ऐजा हे ,न जा नजा नजा हे !
चली बसंती बयार
चली बसंती बयार, आई फूलों मा फुलार-२
भोंरा ली गेनी, भोंरा ली गेनी ली गेनी भोंरा हो..
भोंरा ली गेनी फुलूं कु रश चोरी कि
रंग रंगीली, रंग रंगीली बहार ऐगे होरी कि रंग रंगीली
होरी है
रंग रंगीली बहार ऐगे होरी कि रंग रंगीली हो रंग रंगीली(च..)
फागुन चैत कु त्यौहार, आन्दु रैंया बार बार-२
गैल्या संग खेला रंग, खेला रंग खेला हो
गैल्या संग खेला रंग ज्यू भोरी कि
रंग रंगीली,
रंग रंगीली बहार ऐगे होरी कि रंग रंगीली
होरी है
रंग रंगीली बहार ऐगे होरी कि रंग रंगीली हो रंग रंगीली(च..)
ऐजा आज अपड़ा हथुन ओ ओ, अभीर गुलाल लगैजा
हो ओ ओ अभीर गुलाल लगैजा
झणी अब फिर कब होंदी भेंट, सम्लोंया चदरी रन्गै जा
ऐंसू कि होरी मा हो ओ ओ सम्लोंया चदरी रन्गै जा
ऐजा आंख्युं मा समैजा गैल्या हो
ऐजा आंख्युं मा समैजा प्रीत जोड़ी कि
रंग रंगीली
रंग रंगीली बहार ऐगे होरी कि रंग रंगीली-2
हो रंग रंगीली (च..)
ज्यू बोनु च प्रेम का रंगून, तेरी कोरी जिकुड़ी रन्गै दयों
हो ओ ओ तेरी कोरी जिकुड़ी रन्गै दयों
लाल बुरांसी का फुलूंन, तेरी स्युन्द पाटी सजै दयों
ऐंसू कि होरी मा तेरी स्युन्द पाटी सजै दयों
देदयुं देदयुं सैरी जिंदगी होओओ, देदयुं देदयुं सैरी जिंदगी निचोडी कि
रंग रंगीली
रंग रंगीली बहार ऐगे होरी कि रंग रंगीली-2 (च..)
हो रंग रंगीली
रंग रंगीली बहार ऐगे होरी कि रंग रंगीली-2 (च..)
हो रंग रंगीली
तेरु भाग त्वे दगड़ि
तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि
तेरु बाटू तेरा अगाड़ि, मेरु बाटू मेरा अगाड़ि
कख ल्हिजालू कुज्याणी दगड़्या, कख ल्हिजालू कुज्याणी दगड़्या
दगड़ू नि रैणू सदानि… दगड़्या… दगड़ू नि रैणू सदानि
तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि
सुख मां दुख मां मिली जुली, दिन जू गैनी वी अपड़ा
सुख मां दुख मां मिली जुली, दिन जू गैनी वी अपड़ा
मेरी उंठड़्यूं मां हैंसी तेरी, तेरु दरद मेरा जिकुड़ा…
तेरु दरद मेरा जिकुड़ा…
अपणू परायू नि जाणि दगड़्या, अपणू परायू नि जाणि दगड़्या
दगड़ू नि रैणू सदानि… दगड़्या….दगड़ू नि रैणू सदानि…
तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि
कांडा लग्यां ईं उमर उंद, नरकै कि गाई बिराणी सी
कांडा लग्यां ईं उमर उंद, नरकै कि गाई बिराणी सी
बगत नि रुकि हथ जोड़ी जोड़ी, बगदू राई पाणी सी…
बगदू राई पाणी सी…
पौणू सि आई या ज्वानि दगड़्या, पौणू सि आई या ज्वानि दगड़्या,
दगड़ू नि रैणू सदानि… दगड़्या….दगड़ू नि रैणू सदानि…
तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि
रईं सईं बि कटि जाऊ जू, यनि समळौण देजा आज
रईं सईं बि कटि जाऊ जू, यनि समळौण देजा आज
दगड़्या भोळ कख तू कख मी, आखिरी बेर भ्येंटे जा आज
आखिरी बेर भ्येंटे जा आज…
बगण दे आंख्यूं कू पाणि… दगड़्या…बगण दे आंख्यूं कू पाणि… दगड़्या
दगड़ू नि रैणू सदानि… दगड़्या….दगड़ू नि रैणू सदानि…
तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि
बोझ हिया कू भुयां बिसैजा, भूलीं बिसरीं छ्वीं बत लैजा
बोझ हिया कू भुयां बिसैजा, भूलीं बिसरीं छ्वीं बत लैजा
औ दगड़्या सुख दुख बांटि ल्योला, जिकुड़ी अदला बदली कैजा
जिकुड़ी अदला बदली कैजा…
दुख से हार नि मानि दगड़्या… दुख से हार नि मानि दगड़्या…
दगड़ू नि रैणू सदानि… दगड़्या….दगड़ू नि रैणू सदानि…
तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि
भोल जबरी रात खुलली
भोल जबरी रात खुलली
धरती मा नयी पौध जमली
पुराना डाला खंगारा हवे की ,
नयी लग्ल्युं शाहरु दयाला
मी ता नी रोलु , मेरा भूलों , तुम दगडी ये गीत राला -2
भोल जबरी रात खुलली
इखी ये माटम जन्म्यु मी भी
मेरी भी रह ब्वोती अंग्वाल -2
धरा खेरी का सार नी मिलदी
में भी हिटू उन्धारी उंकाल -2
डालियुं कु छेल , और बाटो का गारा -2
मेरा हिटयां की गवेह दयाला
मी ता नी रोलु , मेरा भूलों , तुम दगडी ये गीत राला -2
भोल जबरी रात खुलली
बरखा बर्खाली , घाम चमकला
सुख दुःख आना जाना राला -2
उचिलियुं मा हेंस्दा खेल्दा ब्येटुला
देख्दा देख्ह्दा ब्वारी हवे जाला -2
भोल ये फुल्मुन्द्या सासु बनी की -2
नयी नयी ब्वारियुं रुवाला
मी ता नी रोलु , मेरा भूलों , तुम दगडी ये गीत राला -2
भोल जबरी रात खुलली
बस्ग्याल रूज , ह्युन्द कौन्पू
मिल भी सह रूधियुं की मार -2
मिल भी बरती ऋतू बसंत
में फरें भी आई मौल्यार -2
मिल भी के छे आस केह की -2
ये डंडा कांता छ्वें लागला
मी ता नी रोलु , मेरा भूलों , तुम दगडी ये गीत राला -2
भोल जबरी रात खुलली
मेरा भी अफडा पराया हर्चिनी
मेला थौलों मा अचान्चक -2
मी भी रोऊँ भाकोरा -भाकोरी
आन्स्युं आंख्युं मा रहनी जब तक -2
कौथिग यानी बी रेना राला -2
नया नया कौथिगाएर आला
मी ता नी रोलु , मेरा भूलों , तुम दगडी ये गीत राला -2
भोल जबरी रात खुलली
मिल भी सेंई फुलवा कांडा
गीत्वी माला गच्यानु कु -2
जन द्वे एक गीत मिल भी
गनेने रून्दो हेसानु कु -2
हैस्दारा जब बिसरी जाला -2
रौन्दारा रवे रवे की संभालना राला
मी ता नी रोलु , मेरा भूलों , तुम दगडी ये गीत राला -2
भोल जबरी रात खुलली
न उकाल न उन्दार
न उकाल न उन्दार
न उकाल न उन्दार सीधू सैणु धार-धार
गौ कू बाटू मेरा गौ कू बाटू
ऐ जाणू कभी मठु माठु मठु माठु
भला लोग भलु समाज गोऊ पिठाई कू रिवाज
खोली खोलियो म गणेश
मोरी नारेयण बिराजे मेरा गोऊ मा
देवी दय्बतो का थान
धरम करम पुण्य दान
छोटू बडो सबो मान
पोणु दय्बता समान मेरा गोऊ मा
बन खेती हो खल्याँ
मिल बाटी होंदी धानं
कुई फोजी कोई किसान
एक जि इकि प्राण मेरा गोऊ मा
सेरा ओखाड्यु मा नाज
वन हरयाली कु राज
बाडी सगोड्यु मा साग
जख तक तारकजी मेरा गोऊ मा-2
नोला मागरियो को पानी
छ्खी अमृत जनि
लेनी पेनी पीनी खानि
राखी मन मा न सयानी मेरा गोऊ मा
गौड़ी भैस्यु का खरग
घ्यु दूधो का छरग
म्यारो रोतेलो मुलुक
मकु एखि छ स्वर्ग मेरा गोऊ मा
कोथीग बिरेना की देर
बेटी ब्वारी कोथिगेर
दानं नचाद गितेर
जवान माया का स्वदेर मेरा गौ मा
काफल बुरांश का बोण
काकू हिलाश की धोन्
मीठी बोली मीठी भाषा
लिजा ऍच समलोंण मेरा गौ मा
हिंवांली काँठी चांदि कि बणी गैनी
चम चमा चम, चम चम , चम चम,चम चमकि , चमकि , चम चमकि घाम काँठीयूं मा
हिंवांली काँठी चांदि कि बणी गैनी, हिंवांली काँठी चांदि कि बणी गैनी
बणी गैनी, बणी गैनी
हिंवांली काँठी चांदि कि बणी गैनी, हिंवांली काँठी चांदि कि बणी गैनी ।
शिब का कैलाशु ग्यायी पैली पैली घाम , शिब का कैलाशु ग्यायी पैली पैली घाम
सेवा लगौणु आयी बदरी का धाम , बे बदरी का धाम, बे बदरी का धाम
सर.. फैली , फैली , सर.. फैली घाम डाँडों मा
भौन, पंक्षि, डांडि, डालि वोटि बिजी गैनी, भौन, पंक्षि, डांडि, डालि वोटि बिजी गैनी
बिजी गैनी , बिजी गैन
हिंवांली काँठी चांदि कि बणी गैनी, हिंवांली काँठी चांदि कि बणी गैनी ।
ठण्डु-मठु चड़ी घाम , फूलु कि पाखियुं मा, ठण्डु-मठु चड़ी घाम , फूलु कि पाखियुं मा
लगि कुतग्यली तौंकी नाँगि काख्युं मा बे
नाँगि काख्युं मा, बे नाँगि काख्युं मा
खिच्च हैसिनी, हैसिनी, खिच्च हैसिनी फूल डालियुं मा
भौंरा पोथला रंग-मत बणी गैनी, भौंरा पोथला रंग-मत बणी गैनी
बणी गैनी , बणी गैनी
हिंवांली काँठी चांदि कि बणी गैनी, हिंवांली काँठी चांदि कि बणी गैनी ।
डांडि-काँठि बिजाली , पौंछि घाम गौं मा, डांडि-काँठि बिजाली , पौंछि घाम गौं मा
सु-निंद पौडि छै, बेटी ब्वारी डेरों मा बे
ब्वारी डेरों मा, बे ब्वारी डेरों मा
झम्म झौल , झौल , झम्म झौल लगी आखियुं मा
मायादार आंखियुं का सुपिन्या उड़ी गैनी, मायादार आंखियुं का सुपिन्या उड़ी गैनी
उड़ी गैनी , उड़ी गैनी
हिंवांली काँठी चांदि कि बणी गैनी, हिंवांली काँठी चांदि कि बणी गैनी ।
छुँयुं मा मिसे गिन पंदेरो मा पंदेनी, छुँयुं मा मिसे गिन पंदेरो मा पंदेनी
भाँडी भुरेगिनी तौंकी छुँई नी पुरेनी बे
छुँई नी पुरेनी, बे छुँई नी पुरेनी
खल्ल ख़ते , ख़ते, खल्ल ख़ते घाम मुखडि़युं मा
पितल्याणा मुखड़ी सोना की बणी गैनी, पितल्याणा मुखड़ी सोना की बणी गैनी
बणी गैनी , बणी गैन
हिंवांली काँठी चांदि कि बणी गैनी, हिंवांली काँठी चांदि कि बणी गैनी ।
दोफ़रा मा लगी जब बणु मा घाम तैलू, खोपरा मा लगी जब बणु मा घाम तैल
बैठि गिनी घसेनी बिसै की डाला छैल
बिसै की डाला छैलु , बिसै की डाला छैलु
गर्र निंद , निंद , गर्र निंद पोडी़ छैलु मा
आयि पतरोल अर घसेनी लुछे गैनी, आयि पतरोल अर घसेनी लुछे गैनी
बणी गैनी , बणी गैनी
हिंवांली काँठी चांदि कि बणी गैनी, हिंवांली काँठी चांदि कि बणी गैनी ।
ब्यकुनी को सिलु घाम पैटण बैठी गे, ब्यकुनी को सिलु घाम पैटण बैठी गे
डाडियुं का पेछेडि जोन हैसण बैठी गे बे
हैसण बैठी गे, बे हैसण बैठी गे
झम्म रात , रात , झम्म रात पोडी़ रौलियुं मा
भौन, पंक्षि, डांडि, डालि वोटि सेयी गैनी, भौन, पंक्षि, डांडि, डालि वोटि सेयी गैनी
सेयी गैनी, सेयी गैनी
भौन, पंक्षि, डांडि, डालि वोटि सेयी गैनी, भौन, पंक्षि, डांडि, डालि वोटि सेयी गैनी
भौन, पंक्षि, डांडि, डालि वोटि सेयी गैनी, भौन, पंक्षि, डांडि, डालि वोटि सेयी गैनी……
हे मेरी आंख्युं का रतन
हे मेरी आंख्युं का रतन
बाला स्ये जादी,बाला स्ये जादी
दूध भात दयोलू मी ते तैन
बाला स्ये जादी-२
हे मेरी आंख्युं का रतन
बाला स्ये जादी-४
मेरी औंखुडी पौन्खुड़ी छै तू, मेरी स्याणी छै गाणी
मेरी स्याणी छै गाणी
मेरी जिकुड़ी उकुड़ी ह्वेल्यु रे स्येजा बोल्युं मानी
स्येजा बोल्युं मानी
न हो जिधेर ना हो बाबु जन बाला स्ये जादी
दूध भात दयोलू मी ते तैन,बाला स्ये जादी
तेरी घुन्द्काली तू की मुट्ठ्युं मा मेरा सुखी दिन बुज्याँन
मेरा सुखी दिन बुज्याँन
तेरी टुरपुरि तों बाली आंख्युं मा मेरा सुप्न्या लुक्याँन
मेरा सुप्न्या लुक्याँन
मेरी आस सांस तेम ही छन बाला स्ये जादी
हे मेरी आंख्युं का रतन, बाला स्ये जादी
हे पापी निंद्रा तू कख स्येंयी रैगे आज
स्येंयी रैगे आज
मेरी भांडी कुण्डी सुचण रै ग्येनी, घर बोण कु काम काज
घर बोण कु काम काज
कब तै छनटेलु क्या बोन क्या कन, बाला स्ये जादी
दूध भात दयोलू मी ते तैन,बाला स्ये जादी
घात सार सारी की लै ग्येनी, पंदेरों बटी पंदेनी
पंदेरों बटी पंदेनी,
बाणु पैटी ग्येनी मेरी धौडया दगडया लखड्वेनी घस्येनी
लखड्वेनी घस्येनी
क्या करू क्या नि करू जतन बाला स्ये जादी
हे मेरी आंख्युं का रतन,बाला स्ये जादी
घर बौडू नि व्हायु जू गै छौ झुरै की मेरी जिकुड़ी
झुरै की मेरी जिकुड़ी
बिसरी जांदू वीं खैरी बिपदा हेरी की तेरी मुखड़ी
सम्लौ न वो बात वो दिन बाला स्ये जादी
दूध भात दयोलू मी ते तैन,बाला स्ये जादी
बाला स्ये जादी-4
मेरा डांडी काण्ठियों का मुलुक-
मेरा डांडी काण्ठियों का मुलुक जैल्यु, बसन्त ऋतू मा जैयि -२
हैर बण मा बुराँसि का फूल, जब बण आग लगाण होला..
पीता पाखों थैं फ्योलिं का फूल, पिन्ग्ला रंग मा रंग्याण होला ..
ळाइयां पैयां ग्वीराल फूलु ना-२, होलि धर्ति सजि देखि ऐइ …
बसन्त ऋतू मा जैयि…
मेरा डांडि….
रन्गील फागुन होल्येरोन कि टोलि, डांडि कांठियों रंग्यणि होलि…
कैक रंग म रंग्युं होलु क्वियि, क्वि मनि-मन म रंग्श्याणि होलि..
किर्मिचि केसरि रंग कि बाढ-२, प्रेम क रंगों मा भीजि ऐइ…
बसन्त ऋतू मा जैयि….
मेरा डांडि….
बिन्सिरि देय्लिओं मा खिल्दा फूल, राति गों-गों गितेरुं का गीत…
चैता का बोल, ओजियों का ढोल, मेरा रोंतेला मुलुकै कि रीत…
मस्त बिग्रैला बैखुं का ठुम्का-२, बांदूं का लस्सका देखि ऐइ….
बसन्त ऋतू मा जैयि….
मेरा डांडि….
सैणा दमला र चैतै बयार, घस्यरि गीतों मा गुंज्दि डांडि…
खेल्युं मा रंग-मत ग्वेर छोरा, अट्क्दा गोर घम्डियंदि घंडि..
वखि फुन्डे होलु खत्युं मेरु भि बच्पन, -२ ऊक्रि सक्लि त ऊक्रि कि लैयि…
बसन्त ऋतू मा जैयि….
मेरा डांडी काण्ठियों का मुलुक जैल्यु,
बसन्त ऋतू मा जैयि….
बसन्त ऋतू मा जैयि….
ना जा-ना जा तौं भेळू पखाण
ना जा- ना जा तौं भेळू पखाण, जिदेरी घसेरी बोल्यूं माण
ना जा- ना जा तौं भेळू पखाण, जिदेरी घसेरी बोल्यूं माण
आंण नि देन्दी तू सरकारि बोण, गौर भैंस्यूं मिन क्या खलांण?
आंण नि देन्दी तू सरकारि बोण, गौर भैंस्यूं मिन क्या खलांण?
ना जा-ना जा – ना जा हे ना जा,
ना जा- ना जा तौं भेळू पखाण, जिदेरी घसेरी बोल्यूं माण
तेरि भों मि पतरोळ कखी भि जौऊँ, तू ड्यूटी समाळ जंगळ बचौऊं
तेरि भों मीं पतरोळ कखी भी जोंऊँ, तू ड्यूटी समाळ जंगळ बचौऊं
भेळ उन्द पोडु मीं डाळा उन्द मोरू चा जंगळ चोरु मिन घास ली जांण, गौरू भैंस्यूं थें क्या खलांण
ना जा तौं भेळू पखाण, जिदेरी घसेरी बोल्यूं माण
आंण नि देन्दी तू सरकारि बोण, गौर भैंस्यूं थें मिन क्या खलांण
गुन्दक्याळी खुट्टी तेरि खस्स रैड़ीली, पट्ट मोरि जेलि भेळ उन्द पोड़ीली
गुन्दक्याळी खुट्टी तेरि खस्स रैड़ीली, पट्ट मोरि जेलि भेळ उन्द पोड़ीली
तेरि दाथी चदीरिल, गौर-बछूरूल, सासु ससुरोंल खौळ्यूं रै जाण- जिदेरी घसेरी बोल्यूं माण
आंण नि देन्दी तू सरकारि बोण, गौर भैंस्यूं मिन क्या खलांण
ना जा – ना जा – ना जा हे ना जा,
ना जा – ना जा तौं भेळू पखाण, जिदेरी घसेरी बोल्यूं माण
बण भी सरकारी तेरो मन भी सरकारी, तिन क्या सम्झिण हम लोगु कि खैरी
बण भी सरकारी तेरो मन भी सरकारी, तिन क्या सम्झिण हम लोगु कि खैरी
जब बण जौला लाखुड़ घास लोंला, और भैंसी पिजोला तब चुल्लू जगांण, नौनळ निथर भुखि सेजांण..
ना जा – ना जा तौं भेळू पखाण, जिदेरी घसेरी बोल्यूं माण
आंण नि देन्दी तू सरकारि बोण, गौर भैंस्यूं मिन क्या खलांण
पाड़ै बेटी-ब्वार्यू कू बण ही च सारु, जणदु छौं मी भी- पर क्याजि कारू?
पाड़ै बेटी-ब्वार्यू कू बण ही च सारु, जणदु छौं मी भी- पर क्याजि कारू?
दया जु आली, साबन सुण्याली त नौकरी जाली मेरी छुट्टी ह्वै जांण, बाल-बच्चों मिन क्या खलाण?
आंण नि देन्दी तू सरकारि बोण, गौर भैंस्यूं मिन क्या खलांण
ना जा – ना जा – ना जा हे ना जा,
ना जा – ना जा तौं भेळू पखाण, जिदेरी घसेरी बोल्यूं माण
आंण नि देन्दी तू सरकारि बोण, गौर भैंस्यूं मिन क्या खलांण
जिदेरी घसेरी बोल्यूं माण
गौर भैंस्यूं मिन क्या खलांण
जिदेरी घसेरी बोल्यूं माण
गौर भैंस्यूं मिन क्या खलांण









