Latest News

“खतड़ुवा” 2025 : ऋतु परिवर्तन और पशुधन सेवा का त्यौहार।

6 September 2023

उत्तराखंड में शुरुआत से ही कृषि और पशुपालन आजीविका का मुख्य श्रोत....

हिलजात्रा

हिलजात्रा 2025 :आस्था के साथ इतिहास, संस्कृति और कला का अद्भुत प्रदर्शन।

3 September 2023

पूरे विश्व में मेले और त्यौहार सामाजिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण अंग....

भारतीय डाक सेवा : – प्रेम-विनिमय का आज भी एक प्रतीक !

1 September 2023

अभी अलविदा मत कहो दोस्तो ! क्योंकि‘बीते हुए लम्हों की कसक साथ....

गंगा नदी की पौराणिक कथा | Mythological Story of River Ganga

30 August 2023

स्वर्ग में बहने वाली गंगा का अवतरण धरती पर हिंदी माह ज्येष्ठ....

छोलिया-उत्तराखण्ड का पारम्परिक लोकनृत्य।

27 August 2023

Choliya Dance Uttarakhand : विभिन्न अंचलों के अपने-अपने लोकनृत्य होते हैं। कुमाऊँ....

Uttarakhand Public Holidays 2023

27 August 2023

उत्तराखण्ड सरकार द्वारा वर्ष 2023 के लिए सार्वजनिक अवकाशों की सूची जारी....

घुघुति त्यौहार की लोकगाथा | Ghughutiya Festival Story

27 August 2023

घुघुतिया पर्व मनाने की परंपरा चंद राजाओं के शासन काल में शुरू हुई। एक लोकगाथा के मुताबिक राजा कल्याण चंद के पुत्र निर्भय को मां बचपन में घुघुति कहकर पुकारती थी। राजा के मंत्री ने राज्य हड़पने की नीयत से घुघुति का अपहरण कर लिया।

देवीधुरा बग्वाल मेला 2025: इतिहास, पौराणिक कथा और परम्परा।

27 August 2023

Devidhura Bagwal Mela : कहा जाता है कि जब पृथ्वी पर मानव....

बागेश्वर का उत्तरायणी मेला-ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक महत्व

25 August 2023

बागेश्वर में उत्तरैणी मेले की शुरुवात चंदवंशीय राजाओं के शासनकाल से गयी थी। प्राप्त प्रमाणों के आधार पर माना जाता है कि चंद वंशीय राजाओं के शासन काल में ही माघ मेले की नींव पड़ी। तब पूरे बागेश्वर की भूमि पर उन्हीं का स्वामित्व था। भूमि से उत्पन्न उपज का बड़ा

सुमित्रानंदन पंत की कविता – कुमाऊंनी में।

24 August 2023

हिंदी में छायावाद युग के चार प्रमुख स्तम्भों में से एक सुमित्रानंदन....

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