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कुमाऊं रेजिमेंट: भारत की सबसे पुरानी और गौरवशाली रेजिमेंट।
कुमाऊं रेजीमेंट, जो अपने निडरता और बहादुरी के लिए प्रसिद्ध है। यह रेजिमेंट भारतीय सेना की सबसे पुरानी और सम्मानित रेजिमेंटों में से एक है। इसके वीर सैनिक देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने में कभी पीछे नहीं हटे।
सिर पंचमी के नाम से प्रसिद्ध है उत्तराखंड में बसंत पंचमी।
उत्तराखंड में बसंत पंचमी का दिन बेहद शुभ माना जाता है। इस तिथि को लोग किसी भी शुभ कार्य को बिना लग्न सुझाये संपन्न करवाते हैं। सिर पंचमी के नाम से पहचाने जाने वाले इस पर्व के दिन यहाँ स्थानीय नदियों को गंगा समान मानकर स्नान करने की परम्परा है।
उत्तरायणी मेला 2026 -जहाँ होगा दानपुर, जोहार, काली कुमाऊं, सोर, गंगोली, खरही पट्टियों की संस्कृति का मिलन।
बागेश्वर का उत्तरायणी मेला न केवल धार्मिक और पौराणिक महत्व रखता है, बल्कि यह दानपुर, मिलम-जोहार, काली कुमाऊं, सोर, गंगोली, खरही, अल्मोड़ा आदि पट्टियों की संस्कृति का संगम स्थल भी है। वहीं व्यापारिक दृष्टि से यह मेला बेहद महत्वपूर्ण है।
Happy New Year 2026 Wishes : प्यार भरे शुभकामना सन्देश।
Happy New Year 2026 Wishes : आप सभी को नए साल 2026....
कुमाऊं से गढ़वाल के घरों तक पहुंची ऐपण कला।
कुमाऊं से ऐपण कला आज गढ़वाल के घरों तक पहुंच गई। आज आपको गढ़वाल के हर मेले, कौथीग में ऐपण उत्पाद दिखाई देंगे।
इगास बग्वाल: उत्तराखंड की ‘बूढ़ी दिवाली’ क्यों और कैसे मनाते हैं | Igas 2025
इगास बग्वाल, जिसे बूढ़ी दिवाली के नाम से भी जाना जाता है। उत्तराखंड, विशेष रूप से गढ़वाल क्षेत्र का एक प्रमुख और अनूठा पारंपरिक त्योहार है। यह पर्व पूरे देश में मनाई जाने वाली दीपावली के ठीक 11 दिन बाद कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया
UKSSSC पेपर लीक : होंगी जन संवाद बैठकें, SIT से प्रत्यक्ष संवाद कर पाएंगे।
उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा 2025....
उत्तराखंड में सहायक अध्यापक के 128 पदों पर सीधी भर्ती, यहाँ पढ़ें –
देहरादून, 12 सितम्बर 2025 – उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने....
उत्तराखंड में लागू हुई वर्दीधारी पदों की नई भर्ती नियमावली
उत्तराखंड में लागू हुई नई भर्ती नियमावली 2025 धामी सरकार का बड़ा....
पुराने गढ़वाली गीतों के बोल | Garhwali Song Lyrics in Hindi
उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर में गढ़वाली लोकगीतों का विशेष स्थान है।....









